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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ Essay ( Beti Bachao essay in Hindi )

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ Essay: हमारे भारत देश में हम कई देवी- देवताओ की पूजा करते है पर भारतीय समाज में आज भी महिलाओ को रोज़ाना कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बचपन से हो रहे स्त्री-पुरुष भेदभाव से लेके सुरक्षा तक हर चीज़ में महिलाओ को अपने अस्तित्व या Survival के लिए झगड़ना पड़ रहा है.

Beti Bachao Beti Padhao essay

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ Essay ( Beti Bachao essay in Hindi )

Background

2011 की जनगणना के मुताबिक भारत में स्त्री : पुरुष अनुपात (Ratio) 1000:918 है. यह आकड़े बहुत ही चिंताजनक परिस्थिति बयां कर रहे है. स्त्री पुरुष लोकसंख्या में इतना असंतुलन देश में हो रहे स्त्री पुरुष भेदभाव को highlight करता है.

इस असंतुलन का मुख्य कारण है बच्चे के जन्म से पहले उसका गर्भलिंग निदान करना और उसके बाद स्त्री भ्रूण हत्या करना. लोगोमें इस समस्या के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ Essay’ इस अभियान का जन्म हुआ.

Beginning

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुवात 22 जनवरी 2017 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने हरयाणा के पानीपत में की. इस अभियान के अंतर्गत मुख्य Goal है, स्त्री भ्रूण हत्या को रोकना और उसके बारे में लोगो में जागरूकता फैलाना और साथ ही महिलाओ की सुरक्षा जैसे Important विषय पर लोगो का ध्यान लाना. महिलाओ के शिक्षण का महत्व लोगो को बताना और उन्हें अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करना.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत लाभ और सुविधाएं:

  • प्रबोधन और सुरक्षा – जनप्रबोधन इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है. महिलाओ से related problems पर समाज का ध्यान लाना और समाज के सभी अंगो को साथ में लेके उन problems पे काम करना इस अभियान में अपेक्षित है. इस योजना के अंतर्गत महिलाओ की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये जा रहे है. स्त्री पुरुष समानता को बढ़ावा देना और महिलाओ के स्वास्थ्य के Related Issues पर काम करना भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
  • विविध योजनाओ में महिलाओ को प्राधान्य – बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ इस अभियान के साथ कई और योजनाओ में भी महिलाओ को प्राधान्य दिया गया है. उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा loan योजना जैसी योजनाओ में महिलाओ के लिए अलग लाभ available किये गए है.
  • शिक्षा पे Focus – इस अभियान के अंदर महिलाओ के शिक्षण पर भी काफी focus किया जा रहा है. इस योजना के अंतर्गत लडकियों को government स्कूल में मुफ्त शिक्षा दी जाती है. कुछ private स्कूल भी इस योजना को support करने के लिए बहुत ही कम fee charge करते है. यह सभी सुविधाएं देने का मुख्य उद्देश्य है की लड़कियों को basic शिक्षा मिलने में कोई तकलीफ न हो और वह इस शिक्षा का उपयोग अपना भविष्य उज्वल बनाने में कर सके.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत योजनाए:

  • उज्ज्वला योजना – लड़कियों के लिए free एलपीजी गैस connection देने के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की गयी है.
  • मुद्रा loan scheme – इसके अंतर्गत महिलाओ को loan लेते वक़्त प्राधान्य दिया जायेगा.
  • सुकन्या समृद्धि अकाउंट – लड़कियों के लिए बचत खाता जिसमे उनके परिवार वाले पैसे deposit कर सकते है | यह अकाउंट पर tax नहीं लगाया जायेगा.
  • लाड़ली लक्ष्मी – यह scheme भी लड़कियों को आर्थिक सहायता करती है.

Support , Brand Ambassador और प्रमोशन

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है जनमानस में इस असंतुलित परिस्थति के बारे में जागरूकता फैलाना. इसके वजह से इस अभियान को बहुत ही जोश के साथ प्रोमोट किया जा रहा है. समाज के विविध स्तरों से इस अभियान को काफी अच्छा Response भी मिल रहा है. Indian Medical Association जैसी organization भी इस अभियान को support कर रही है.

हरयाणा में शुरू हुए इस अभियान की brand ambassador भी हरयाणा की wrestler साक्षी मालिक है जिन्होंने भारत को Olympic Games में Wrestling का पहला पदक दिलवाया था. Olympic Games से वापिस आने के बाद हरयाणा में 23 अगस्त 2016 को यह घोषणा की गयी.

Social Media पर भी इस अभियान को काफी सराहा गया और भारत के विविध शहरो मे इसका प्रचार किया गया. इस प्रचार के खासियत यह थी की इस यह प्रचार सिर्फ मुख्य शहरों तक सिमित नहीं था बल्कि ग्रामीण विभागों से भी इस अभियान को काफी अच्छा response मिला जो की बहुत ही positive बात है.

Conclusion

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान एक long term अभियान है जिसके लिए हम सभी को साथ में मिलके काम करना होगा. इस अभियान के माध्यम से हमें स्त्री भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज़ और महिलाओ पर अत्त्याचार जैसे मुसीबतो से साथ लड़ना होगा. और यह तभी Possible है जब हम साथ में मिलके इसके लिए काम करे.

हमारा कर्त्तव्य है की हम समाज के उस स्तर तक यह बात पहुंचायें जहा social media जैसे माध्यम नहीं पहुँच सकते. हर तरह से लोगो से बात करके उनमे जागरूकता लाये, तभी हमारा समाज महिलाओ के लिए सुरक्षित समाज बन पायेगा.

About the author

Hina Ayub

Hi my name is Hina Ayub and I like Travelling, Singing, Reading and also helping other peoples.

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