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महज़ 24 साल की उम्र में 4000 करोड़ की कंपनी बनाने वाले रितेश अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी

एक बहुत ही फेमस कहावत है कि पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं मतलब कि किसी इंसान की काबलियत का पता उसके बचपन में चल जाता है।और इसी कहावत को 24 साल के रितेश अग्रवाल ने proof कर दिखाया।

रितेश अग्रवाल ने बचपन में बहुत straggle किया है और गरीबी को बहुत करीब से देखा है और इस बात का अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकते हो की जब रितेश अग्रवाल के पास घर का किराया देने के लिए पैसे नही थे तो उनके मकान मालिक ने उन्हें घर में Entry ही नही करने दी थी जिसकी वजह से उन्हें कई दिनों तक घर को बहार gate की सीढ़ियों पर ही रात बितानी पड़ी थी।

ritesh agarwal success story

Ritesh Agrawal

जब कोई भी लड़का 17 year की age में होता है तो उसके मस्ती करने की age होती है और जब इस age कुछ बच्चे अपने future सँभालने की तैयारी में लगे होते हैं इस age में रितेश अग्रवाल के दिमाग में ऐसा idea आया जिसे न तो किसी ने सुना था और न सोचा था।

इतना ही नहीं आज इसी idea की वजह से रितेश अग्रवाल इतनी कम उम्र में भारत के successful Entrelrenure की लिस्ट में शामिल है। 

रितेश अग्रवाल कॉलेज की पढ़ायी complete न करने के बाद भी आज 4000 करोड़ की कंपनी के CEO है coding में गहरा intrest होने की वजह से इन्होंने 8 साल साल की उम्र से ही coding करना start कर दिया था।16 साल की उम्र में उनका selection मुम्बई के Tata Institute of fundamental Research में हो गया था यहाँ एशियाई मूल के students किसी क्षेत्र विशेष की समस्याओ पर विचार करके Science & Technology की मदद से उन समस्याओं का solution बताते हैं। 

रितेश को बचपन से ही travelling का बहुत शौक था नयी नयी cities में ठहरने के लिए हमेशा सस्ते hotels की तलाश में रहते थे जैसे की सभी करते हैं कई शहरो में तो सस्ते hotels मिलते ही नही थे और जहाँ मिलते थे उनकी हालत बहुत ख़राब और बदतर होती थी। ये सभी देखते हुए रितेश के दिमाग में एक नया बिज़नस start करने का idea आया लेकिन उस टाइम रितेश को बिलकुल भी अंदाज़ा नही था कि उनका ये idea बिलियन डॉलर्स का idea है।

रितेश के दिमाग मे Billion Dollars का idea कैसे आया?

रितेश के दिमाग में idea आया क्यों न एक ऐसा मॉडल स्टार्ट किया जाये जिससे ट्रेवलर्स को ठहरने के ये सस्ते दामों पर hotels मिल जाया करे। इसी idea पर रितेश ने only 18 की उम्र में एक कंपनी start की जिसका main target ट्रेवलर्स को कम समय के लिए सस्ते दामों में होटल provide करना था। इसमें सबसे अच्छी बात ये थी की कोई भी आसानी से होटल को online book करा सकता था।

कंपनी स्टार्ट करने के कुछ महीनो बाद ही नये स्टार्टअप्स में invest करने वाली कंपनी “venture नर्सरी” की तरफ से 30 लाख का फण्ड मिल गया था। इस से रितेश के हौसलों को एक नयी उड़ान मिली। funding मिलने के बाद रितेश अपनी कंपनी का विस्तार करने मे लग गये। लेकिन किसी वजह से “ओरवेल स्टे” कंपनी का मॉडल से ज्यादा प्रॉफ़िट नहीं हो पाया और ये कंपनी धीरे धीरे घाटे मे चली गयी। 

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Ritesh Agarwal, Founder and CEO of Oyo Rooms

इसके बाद भी रितेश ने हार नहीं मानी और अपनी गलतियो को सुधारने के लिए एन नयी कंपनी “Oyo Rooms” की शुरुआत की। “ओयो रूम्स का उद्देश्य अब सिर्फ Travelers को किसी होटल में कमरा मुहैया कराना भर नहीं रह गया। अब वह होटल के कमरों की और वहां मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की गुणवता का भी ख्याल रखने लगे और इसके लिए कंपनी ने कुछ मानकों को भी निर्धारित किया गया।

यह आईडिया इतना दमदार था कि कुछ ही दिनों में लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स और डी स जी कंस्यूमर पार्टनर्स, सिंगापुर की तरफ से करीबन चार करोड़ रुपये मिले ताकि बिज़नेस का विस्तार किया जा सके। सिर्फ दस महीनों के बाद कंपनी का मूल्यांकन हुआ $80 मिलियन का हो गया और “लाइटस्पीड वेंचर पार्टनर्स” ने सेकोईआ कैपिटल के साथ मिल कर रितेश की कंपनी में क़रीब 36 करोड़ रुपये और निवेश किये और फिर एक से बाद एक कई Findings की बदौलत आज “Oyo Rooms” की valuation 4000 करोड़ के पार हो गयी है।

जब Oyo का Idea देश में चलने लगा तो कई और कंपनियां इन्हीं मॉडल के साथ आगे आ गयी। इसी कड़ी में जोसटल समूह द्वारा जो रूम्स सामने आया, जो ओयो को मौजूदा बाज़ार में टक्कर दे रहा था। लेकिन कुछ ही दिनों में ओयो की popularity के सामने वो भी नहीं टिक पाया और Oyo Rooms ने उसे भी खरीद लिया।

आज Oyo Rooms 15000 से भी ज्यादा होटलो की श्रृंखला है और 1000000 कमरों के साथ देश की सबसे बड़ी आरामदेह एवं सस्ते दामों पर लागों को कमरा उपलब्ध कराने वाली कंपनी बन चुकी है। इतना ही नहीं रितेश अग्रवाल देश के सफल युवा उद्यमियों की कतार में शामिल हैं। रितेश अग्रवाल उन युवा भारतीयों में से हैं जो Middle Class से ताल्लुक रखते लेकिन उनके सपने बड़े होते हैं। इन लोगों में ही भारत को  वास्तविक महाशक्ति बनाने की Power होती है।

मुझे आशा है आपको ये पोस्ट पसंद आएगी इस पोस्ट के बारे  मे comments करके जरूर बतायें की ये success स्टोरी आपको कैसी लगी ।

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Yasir Khan Saqlaini

Hello, :)
My name is Yasir Khan Saqlaini I love writing, Travelling and Blogging.

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